लालगोपालगंज। चेहल्लुम के अवसर पर शनिवार को लालगोपालगंज कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अकीदत का माहौल रहा। खानजहांनपुर, इमामगंज, निंदूरा, चकरावा समेत अंधियारी, पियरी, कैमा, राजकपूर और पलये आदि स्थानों से ताजियों के जुलूस निकाले गए। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और मर्सिया व नौहा पढ़ते हुए इमाम हुसैन को याद किया।
विभिन्न क्षेत्रों से निकले ताजियों के जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए लालगोपालगंज तिराहा और हनुमान चौराहा पहुंचे। इसके बाद सभी जुलूस करबला की ओर रवाना हुए। करबला पहुंचने के बाद परंपरागत तरीके से ताजियों को दफन किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़कर इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
चेहल्लुम के जुलूस को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के निर्धारित मार्गों पर पुलिस बल के साथ आरएएफ के जवान तैनात रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जुलूस की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
जुलूस के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मुस्तैद रहे। प्रशासन की सतर्कता और पुलिस की मौजूदगी के बीच चेहल्लुम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस के करबला पहुंचने और ताजियों को दफन किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था सामान्य हुई।
अकीदत के साथ निकला चेहल्लुम का जुलूस, करबला में दफन हुए ताजिए