लालगोपालगंज । क्षेत्र में बंदरों का आतंक अब विकराल रूप ले चुका है। श्रृंग्वेरपुर ब्लॉक के दर्जनों गांवों में लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। हालत यह है कि खेत-खलिहान से लेकर घरों के आंगन तक कहीं भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
मिर्जहापुर, पटना उपरहार, बिजलीपुर, अंधियारी, मटियारा, पाठक का पूरा समेत लालगोपालगंज के सोनबरसा और इब्राहिमपुर गांवों में बंदरों की संख्या अचानक बेकाबू हो गई है। ये बंदर न सिर्फ फसलों, फलदार पेड़ों और सब्जियों को बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि लोगों पर हमला कर उन्हें घायल भी कर रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले ढाई से तीन महीनों में सैकड़ों लोग बंदरों के हमले का शिकार हो चुके हैं। हर दिन किसी न किसी गांव से हमले की खबर सामने आती है। करीब तीन दर्जन से अधिक महिलाएं और पुरुष गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, जिन्हें लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा।
स्थिति इतनी भयावह है कि लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। बच्चे स्कूल जाने में घबराते हैं और बुजुर्गों के लिए बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। बंदरों के काटने से घायल लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था की गई और न ही किसी तरह की रोकथाम की पहल दिखी। हालांकि पटना उपरहार गांव में टीम पहुंचकर दो-तीन बंदरों को जरूर उठाया लेकिन यह नाकाफी रहा, जिसके लिए ग्रामीणों को कीमत भी चुकानी पड़ी।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
अब सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन और कब ग्रामीणों को इस बंदर आतंक से राहत मिलेगी।
–शिकायत के बाद भी कार्रवाई ठप
लालगोपालगंज। मिर्जाहापुर निवासी नीरज पांडेय ने बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रयागराज, मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) लखनऊ व मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज को प्रार्थना पत्र दिया है। अधिकारियों द्वारा श्रृंग्वेरपुर खंड विकास अधिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
बंदरों के झपटते का शिकार हुए लोग
- शनिवार को मिर्जाहापुर निवासी राम निहोर हरिजन, शिव सेवक व लुल्लन प्रजापति बंदरों के हमले में घायल
- पूर्व में नन्हे यादव, मैकू लाल, सियाराम, दादू लाल व उनकी पत्नी बिरजा देवी सहित कई लोग हो चुके हैं शिकार
- विजय यादव, दीपक तिवारी, अमित पासी, सुभाष, संजय श्रीवास्तव, उमा प्रसाद, जगजीवन, राधेश्याम, कुसुम देवी, चंपा देवी, सन्नो देवी, रन्नो देवी भी हुए घायल
- सोनबरसा निवासी लाली देवी की बंदरों से बचते समय छत से गिरकर मौत
. बिजलीपुर के शिवरतन का पूरा मजरा निवासी सोहनलाल भी घायल - पाठक का पुरा निवासी सचिन रंजन समेत अन्य लोग भी बंदरों के हमले में घायल